रविवार, 5 अगस्त 2012

112 . कैसे भूल जाऊं तेरा

112 

कैसे भूल जाऊं तेरा
लताओं की तरह लिपट जाना ?
कैसे भूल जाऊं तेरा
चुम्बक की तरह चिपट जाना
कैसे भूल जाऊं तेरा
अपने साँसों से साँसों का टकराना
कैसे भूल जाऊं तेरा
सिने में मुझको छिपा लेना
कैसे भूल जाऊं तेरा
नर्म हाथों से बालों को सहलाना
कैसे भूल जाऊं तेरा
चकोर की तरह मेरी सूरत देखना
कैसे भूल जाऊं तेरा
मेरे लिए अपने आँखों से नीर बहाना
कैसे भूल जाऊं तेरा
हर पल मेरे लिए बाट जोहना
कैसे भूल जाऊं तेरा
मेरे हर सुख सुविधा का ख्याल रखना
खुद को भुला कर भी
भुला न पाऊंगा तेरी एक भी बात को
मात्र तुम से जुडी हर याद को
तेरे हर वादों को कसमों को !

सुधीर कुमार ' सवेरा ' १५-०१-१९८४  
०३-४५ pm
चित्र गूगल के सौजन्य से   

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