रविवार, 28 सितंबर 2014

298 .गर पोंछ ही दिया आपने आज आँसू तो क्या ?

२ ९ ८ 
गर पोंछ ही दिया आपने आज आँसू तो क्या ?
अब तो आँखों का जिंदगी भर का ये काम है !!

पता न था हमें हश्रे मोहब्बत !
भूल कर भी न लेते हम नामे मोहब्बत !!

आदमी - आदमी से प्यार करे थोड़ा है !
हमने तो पत्थर से भी प्यार किया है !!

जब तुम याद आये तो कुछ भी न रहा याद !
ना जाने तुमने कब भुलाया कब किया याद !!

आहें पुरदर्द से बचना आसान नहीं !
कह दो सबसे दिल लगाया करें नहीं !!

सुधीर कुमार ' सवेरा '

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें