बुधवार, 8 अक्तूबर 2014

303 .खुदा तन्हा , आसमान तन्हा

३०३ .
खुदा तन्हा , आसमान तन्हा 

क्यों न हों हम तन्हा 

कौन है किसका यहाँ 

कब हुआ किसका ये जहां 

सूरज तन्हा , चांद तन्हा 

हर सख्‍श का 

हर खयाल है तन्हा 

मौन तन्हा अविव्यक्ति तन्हा 

मौत तन्हा जन्म तन्हा 

तन्हा कलम की हर कविता है तन्हा 

हुई जिंदगी की राह तन्हा |

सुधीर कुमार ' सवेरा ' ३० - ०६ - १९८४

कोलकाता ११-४५ pm 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें