बुधवार, 4 मार्च 2015

408 .खूनी कलमों से

४०८ 
खूनी कलमों से 
वो तलवारें अच्छी 
क़त्ल करती जो 
सामने आये बहादुर दुश्मनों की
वो कलम क्या 
जो क़त्ल करवाती निर्दोषों की !  

सुधीर कुमार ' सवेरा ' 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें