सोमवार, 27 मई 2013
252 .आज का सवेरा
२ ५ २ .
आज का सवेरा
सुना रहा था एक सन्देशा
कह रहा था खुद मुझ से
उब गया हूँ
खुद मैं इन्सान होने से
यूँ मैं अल्ला भी बोलता हूँ
भगवान का नाम भी जपता हूँ
हर बाग चौराहे पे जाता हूँ
सब इतना नीरस और छिछला लगता है
मनो जैसे
वन के पेड़ो ने
अपने पत्ते और छाल उतार कर परे कर दिए हों
मानव अब भी
आदिम चेतनाओं के कब्र पर ही
अपने खुश्क आंसू बहा रहा है !
सुधीर कुमार ' सवेरा ' १ ८ - ० ४ - १ ९ ८ ४
१ - ५ ० pm
गुरुवार, 9 मई 2013
251 . सब उजड़ा उखड़ा हुआ
२ ५ १ .
सब उजड़ा उखड़ा हुआ
केंद्र भी संभाल नहीं पता
संसार में
मात्र उन्मुक्त है अराजकता
चतुर्दिश रक्तपात
द्वेष का ज्वार फुट पड़ा
इंसानियत का रिवाज ही उठ गया
भलों का अच्छाई से रिश्ता ही टूट गया
बुरों में व्याप्त है
आवेश पूर्ण तीव्रता
सबकुछ बिखरा पड़ा है
हमारे ही सामने
शराफत का ताला
हमारे ही मुंह पर है जड़ा हुआ !
सुधीर कुमार ' सवेरा ' १ ८ - ० ४ - १ ९ ८ ४
१ - ० ० pm
249 . बेवफाई के यादों
२ ४ ९ .
बेवफाई के यादों
मेरे पास न आओ
पल दो पल ठहर गया हूँ
आराम की साँस लेने को
मुझे आकर इतना ना सताओ
दर्द दिल में है
ओठों पे हूँ मुस्कान लिए
पर कैसे मैं जिऊंगा
बेवफाई के यादों के सहारे
गम का मारा ऐसे ही पागल हूँ
मुझे और पागल न बनाओ
बेघर तूने कर दिया मुझे
इस तरह दो राहे पे ला के
नई राह भी न दिखाई एक आवाज दे के
पहले ही ठोकर से
मैं संभल नहीं पा रहा हूँ
मुझे और न गिराओ
पल दो पल ठहर गया हूँ
आराम की साँस लेने को
बेवफाई के यादों
मुझे आकर इतना ना सताओ
हर राह सुनी , हर पल सुना
प्यार की हर साँस सुनी
चेहरे से नकाब हंटा ऐ चाँद
तेरे बिना तारों की यह बारात सुनी !
सुधीर कुमार ' सवेरा ' ३ १ - ० ३ - १ ९ ८ ४
समस्तीपुर १ २ - ३ ० pm
248 . हाँ मैं पागल हूँ
२ ४ ८ .
हाँ मैं पागल हूँ
फिर भी खुश हूँ
कि जानकर यह
कि मैं पागल हूँ
त्याग ही मेरा लाभ है
गरीबी में मिलता
अमीरी का स्वाद
और मृत्यु को जीवन समझना ही
मेरा काम है
मैं पागल हूँ
पागल ही
मेरा नाम है
हर वह दिल
है मेरा दिल
बलिदान का जहाँ भाव है
मुझे ढूंढने की जरुरत नहीं
हर उस घर में
मिल जाऊंगा मैं
जहाँ इंसानियत का
पढ़ाया जा रहा हो पाठ
और मानवता हो
कोने - कोने में विराजमान
मेरे पागलपन के
दीवानगी को न पूछो
हर को चाहता हूँ
अपने जैसा पागल बनाना
बोलो कौन - कौन है तैयार
करने को ईर्ष्या , द्वेष , छल , प्रपंच , झूठ ,
धोखा धरी का बलिदान !
सुधीर कुमार ' सवेरा ' २ ३ - ० ३ - १ ९ ८ ४
कोलकाता ९ - १ ५ pm
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