२ ५ ४ . एहसास मुझे हर सही गलत का होता है ऐसा लगता है एक अनाम अपराध का झूठा कलंक मेरे माथे लगा है मेरे प्रारब्ध ने मेरे ही खिलाफ गलत सूचनाएं सब को दे दी है लोग सभी ढूंढ़ रहे हैं अपना भी चेहरा खरोंच कर मेरे लिए गलत सूचनाओं का ढेर लगा रहे हैं ! सुधीर कुमार ' सवेरा ' १ ६ - ० ४ - १ ९ ८ ४
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