३४८ मेरा सत्य मुझे धोखा दे गया समाज के सबसे बड़े असत्य रूपी सत्य को न स्वीकारने के कारण मैं अपने सत्य के लिए रेगिस्तान में एक बूँद अपने सत्य के खातिर भटक रहा हूँ मेरा सत्य मुझे हर चौराहे पर जलील कर रहा है ! सुधीर कुमार ' सवेरा '०३ - ०६ - १९८४ राँची २ - ११ pm
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