ADHURI KAVITA SMRITI
बुधवार, 21 नवंबर 2012
179 . अब होगी केवल बेवफाई का आलम
179 .
अब होगी केवल बेवफाई का आलम
इस जहाँ में
जो भी करेगा वफ़ा
रोता रह जाएगा इस जहाँ में
होगी न पूरी किसी की मुराद
खुदा भी हो गया है बहरा
चीखो चिल्लाओ कितना भी
सुनेगा न कोई तेरी फरियाद !
सुधीर कुमार ' सवेरा ' 10-01-1984
चित्र गूगल के सौजन्य से
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