ADHURI KAVITA SMRITI
रविवार, 22 मार्च 2015
420 .तुम्हे क्या पता
४२०
तुम्हे क्या पता
तूने क्या किया
किसी को मौत दी
किसी का दिल लिया
बेवफाई का झंडा
सारे जहाँ में फहराया
बड़ी हैरत है
तेरे वजूद पे
मालूम नहीं
उतरा कैसे
तेरे आँखों का पानी
पानी के बदले
आँखों में देखा
हैरत का अंदाज !
सुधीर कुमार ' सवेरा '
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