शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2012

159 . कोई आज मिल गई है

159 .

कोई आज मिल गई है 
गम को भुलाने वाली 
कोई आज मिल गयी है 
जीवन में साथ निभाने वाली 
कोई आज मिल गई है
निःस्वार्थ प्यार करने वाली 
कोई आज मिल गई है
हँसने और हँसाने वाली
कोई आज मिल गई है
मेरे जीवन को 
अपना जीवन समझने वाली 
कोई आज मिल गई है 
अधिकार जताने वाली 
कोई आज मिल गई है  
स्नेहमयी मूर्ति की तस्वीर 
मेरे सपनों की तस्वीर 
मेरे जीवन की तक़दीर 
कोई आज मिल गई है !

सुधीर कुमार ' सवेरा '  03-10-1980
चित्र गूगल के सौजन्य से    

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