सोमवार, 9 जनवरी 2017

658 . दुर्गा - दुर्गा लेखा दय दय तोर।


                                      ६५८
                                      दुर्गा
दुर्गा लेखा दय दय तोर। 
तीनि तीनि कय दय दय दुर्गा , लेखा दय दय तोर। 
नन्द तेरो तात यशोदा , गुरुजन तेरो भ्राता। 
और पद छाड़ि तुअ पद सेविय , ताकर ऊपर मोती। 
अंग - अंग जे ज्योति विराजय , सोती मोती मोती।।
कुण्डल डोलय बेसरि लोलय , कटि किंकिणियाँ बोलय। दत्त नरसिंह भवानी तेरो , डोलय लोलय बोलय।।
                                    नरसिंहदत्त ( तत्रैव )  

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